नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों सरकारी बैंकों के मर्जर से जुड़ा एक दस्तावेज तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दस्तावेज में दावा किया गया कि 9 सरकारी बैंकों को SBI, PNB और Bank of Baroda में मर्ज किया जाएगा।
लेकिन अब इस वायरल खबर की सच्चाई सामने आ गई है। PIB Fact Check ने साफ किया है कि वायरल दस्तावेज फर्जी है और इसे वित्त मंत्रालय ने जारी नहीं किया है। (Newschecker)
📢 वायरल कागज में क्या दावा किया गया था?
वायरल दस्तावेज में दावा किया गया था कि:

SBI में शामिल होंगे:
- Indian Bank
- Bank of Maharashtra
- Central Bank of India
PNB में शामिल होंगे:
- Union Bank of India
- Bank of India
- Punjab & Sind Bank
Bank of Baroda में शामिल होंगे:
- Canara Bank
- Indian Overseas Bank
- UCO Bank
दस्तावेज में इसे “Amalgamation of Public Sector Banks Scheme, 2026” बताया गया था। (Moneycontrol)
⚠️ लेकिन असली बात क्या है?
PIB Fact Check के मुताबिक यह पूरा दस्तावेज फर्जी है। वित्त मंत्रालय ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। इसलिए इस वायरल कागज के आधार पर किसी बैंक के मर्जर की पुष्टि नहीं की जा सकती। (Newschecker)
वायरल दस्तावेज को इस तरह बनाया गया था कि वह देखने में भारत सरकार के Official Gazette जैसा लगे। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई लोग इसे असली सरकारी आदेश समझ बैठे। (Nex News Network)
💰 बैंक ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
अगर आपका खाता ऊपर बताए गए किसी बैंक में है तो इस वायरल खबर को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। अभी इस दस्तावेज के आधार पर कोई नया बैंक मर्जर लागू नहीं हुआ है।
किसी भी बैंक मर्जर या सरकारी योजना की खबर पर भरोसा करने से पहले Finance Ministry, Department of Financial Services या PIB Fact Check जैसे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी जरूर जांचें।
🔥 निष्कर्ष
9 सरकारी बैंकों के SBI, PNB और Bank of Baroda में मर्जर की वायरल खबर फिलहाल फर्जी है। PIB Fact Check ने वायरल Gazette को फर्जी बताया है और कहा है कि इसे वित्त मंत्रालय ने जारी नहीं किया। (Newschecker)
Disclaimer: यह लेख वायरल दस्तावेज और उपलब्ध सरकारी फैक्ट-चेक के आधार पर है। बैंकिंग से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले आधिकारिक बैंक/सरकारी सूचना जरूर देखें।
